डोनाल्ड ट्रंप का पनामा पर गुस्सा, नहर को लेकर विवाद बढ़ा

हाल ही में अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक छोटे से देश पनामा के खिलाफ बड़ा बयान दिया है। उन्होंने पनामा नहर पर कब्जा करने की धमकी दी, जो इस छोटे से देश की सबसे अहम संपत्ति मानी जाती है। उनके इस बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय राजनीति में खलबली मच गई है। पनामा नहर दुनिया की सबसे महत्वपूर्ण व्यापारिक रूट्स में से एक है। यह अटलांटिक महासागर और प्रशांत महासागर को जोड़ती है। हर साल हजारों जहाज इस नहर से गुजरते हैं, जिससे पनामा को बड़ी आमदनी होती है। यह नहर पनामा की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। डोनाल्ड ट्रंप ने अपने बयान में कहा कि पनामा नहर का सही तरीके से इस्तेमाल नहीं हो रहा है। उन्होंने दावा किया कि इस नहर पर अमेरिका का हक होना चाहिए। ट्रंप ने यह भी कहा कि अगर जरूरत पड़ी, तो इस नहर पर कब्जा करने के लिए कार्रवाई की जाएगी। पनामा के अधिकारियों ने ट्रंप के बयान पर गहरी नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि यह बयान न केवल गैरजिम्मेदाराना है, बल्कि उनकी संप्रभुता पर हमला भी है। उन्होंने अमेरिका से स्पष्टीकरण की मांग की है। इस बयान के बाद कई देशों ने ट्रंप की आलोचना की है। उनका कहना है कि छोटे देशों को डराने-धमकाने की यह रणनीति गलत है। संयुक्त राष्ट्र ने भी इस मामले पर चिंता जाहिर की है और कहा है कि पनामा की संप्रभुता का सम्मान होना चाहिए। अमेरिका ने 1914 में पनामा नहर का निर्माण किया था और 1999 तक इसका प्रबंधन किया। इसके बाद यह पनामा को सौंप दी गई। इस नहर को लेकर पहले भी विवाद हुए हैं, लेकिन पनामा ने हमेशा इसे शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाया है। विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप का यह बयान आने वाले चुनावों के लिए दिया गया है। वह अपने समर्थकों को यह संदेश देना चाहते हैं कि अमेरिका को पहले रखना उनकी प्राथमिकता है।










